हिंदी की लहर, खबर तक। पर्दे की खबर नीति से शुरू होती है, रेड कार्पेट से नहीं। मध्यप्रदेश पर्यटन लिखता है: आदेश संख्या TD/2/0005/17/2025/33, दिनांक 18 फरवरी 2025। नोडल एजेंसी मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड। फिल्म सुविधा प्रकोष्ठ एकल पोर्टल चलाता है।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस: कैबिनेट ने नीति मंजूर की, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्लैब बताईं — लघु 15 लाख तक, वृत्तचित्र 40 लाख, टीवी 1 करोड़, वेब सीरीज 1.5 करोड़, फीचर 2 करोड़, अंतरराष्ट्रीय 10 करोड़। टाइम्स ऑफ इंडिया वही स्लैब दोहराता है और 75 प्रतिशत शूटिंग दिन की शर्त जोड़ता है।
पुरस्कार और खर्च
राज्य को फिल्म फ्रेंडली सम्मान 2022–24 के वर्षों में मिला, समाचार यों कहते हैं। पाँच वर्षों में 350 से अधिक परियोजनाएँ, 21 करोड़ की सहायता, करीब 700 करोड़ का राज्य में खर्च और 1,50,000 अस्थायी रोजगार दिवस — यही टाइम्स की पंक्ति है। Tarang HINDI इन्हें आज की नई गिनती नहीं बनाता; स्रोत की तारीख फरवरी 2025 है।
एमपीएसटीडीसी होटलों पर 40 प्रतिशत छूट और लैंड बैंक का जिक्र पर्यटन पन्ने पर है। आवेदन filmcell.mponline.gov.in। यह अख़बार परमिट का बटन नहीं है। बघेली और निमाड़ी वाले अतिरिक्त अलग पन्नों पर हैं। दक्षिणी भाषा और बाल-महिला केंद्रित फिल्मों के लिए भी अतिरिक्त खंड समाचारों में आए; पूरी पुस्तिका फिल्म सेल की पीडीएफ पर है। Tarang HINDI स्लैब याद रखवाता है, फॉर्म नहीं भरता।
फोटो फिल्म रील का फ़ाइल चित्र है। किसी सेट का फ्रेम नहीं। कैप्शन ईमानदार रहेगा।
मुख्य बातें
- आदेश 18 फरवरी 2025, नोडल पर्यटन बोर्ड।
- अनुदान 15 लाख से 10 करोड़ तक की स्लैब।
- 75 प्रतिशत शूटिंग दिन प्रदेश में जरूरी।
स्रोत और संदर्भ
- मध्यप्रदेश पर्यटन · Film Policy 2025 and Film Cell ↗18 फ़रवरी 2025
- न्यू इंडियन एक्सप्रेस · Film Tourism Promotion Policy 2025 subsidies ↗12 फ़रवरी 2025
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 19 सितंबर 2026।



