जो युवा बोलता है, वही खबर। जबलपुर में आईआईटी मत ढूँढना, नाम आईआईआईटीडीएम है — पंडित द्वारका प्रसाद मिश्र भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, डिज़ाइन एवं विनिर्माण संस्थान। शिक्षा मंत्रालय ने 24 जनवरी 2005 को मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत इसे खोला।
नींव 7 फरवरी 2005 को रखी गई। पहली कक्षा अगस्त 2005 में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के आईटी भवन से चली। निदेशक का अतिरिक्त भार आईआईटी कानपुर के संजय जी. ढांडे पर था — संस्थान का अपना इतिहास यही लिखता है। 3 मई 2006 को राज्य ने दुमना एयरपोर्ट के पास 250 एकड़ सौंपे। फेज-एक निर्माण 2007 में शुरू हुआ।
डिज़ाइन, फिर बनाने तक
जोसा प्रोफाइल कहता है: मकसद आईटी-सक्षम डिज़ाइन और निर्माण है। भारत-जापान साझेदारी का उल्लेख उसी पन्ने पर है। पता दुमना एयरपोर्ट रोड, पोस्ट खमरिया, जबलपुर 482005। आईआईआईटी अधिनियम 2014 के बाद संस्थान राष्ट्रीय महत्व में गिना गया। Yuva AWAZ रैंकिंग की ताज़ा कतार नहीं ठोकता।
नए छात्र के लिए सवाल: दुमना कितनी दूर? स्रोत ने किलोमीटर की एक पंक्ति नहीं दी, इसलिए हम अनुमान नहीं भरते। हवाई अड्डे के पास होना पता में लिखा है। कैंपस वाई-फाई से जुड़ा बताया गया है। सीट और शाखा जोसा की ताज़ा मैट्रिक्स पर देखो। जबलपुर शहर अलग है, दुमना परिसर अलग — Yuva AWAZ दोनों को एक गली नहीं बनाता।
फोटो जबलपुर शहर का फ़ाइल चित्र है। दुमना परिसर के नए अकादमिक ब्लॉक का दावा नहीं। कैप्शन यही सच है।
मुख्य बातें
- स्थापना 24 जनवरी 2005, पहली कक्षा अगस्त 2005।
- स्थायी ज़मीन 250 एकड़, दुमना एयरपोर्ट रोड, 3 मई 2006।
- आईआईआईटी अधिनियम 2014 के बाद राष्ट्रीय महत्व।
स्रोत और संदर्भ
- आईआईआईटीडीएम जबलपुर · RTI / institute history ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- जोसा · Institute profile — IIITDM Jabalpur ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 19 सितंबर 2026।



